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First report of molecular mechanism of RNA recognition in Malaria parasite

 

Structure of the PfSR1-RNA complex. Dr. Akshay Kumar Ganguly and Ms. Garima Verma who did the work.

Among the vector borne diseases malaria affects the maximum population. In 2017 alone there were about 22 crore cases more than 4 lakh death worldwide with India accounting for 6% of them1. Malaria is caused in humans when a female Anopheles mosquito transfer protozoan parasites of the genus Plasmodium and Plasmodium falciparum is the most lethal of the malarial parasites. The economic consequence of this widespread disease is also apparent from the fact that malaria endemic countries have much lower GDP growth than countries free from malaria2. In recent years drug resistance in malaria has emerged as a major threat to the public health. It is thus, imperative to elucidate the ways in which this parasite thrives in its hosts as well as the various mechanisms it employs to sustain an infection, in order to be able to effectively combat this menace. Malaria parasite uses an intelligent mechanism called alternate splicing to generate protein diversity. Alternate Splicing is one of the evolved mechanisms in higher organisms to produce different protein from a single gene by differentially processing the transcribed mRNA. This gives the parasite an added advantage to evade the drugs. To understand this important cellular event in malaria parasite we delineated the molecular mechanism of RNA binding of one such protein called serine/arginine rich (SR) protein of P. falciparum (PfSR1)5, which is the first such study in apicomplexans. Using Nuclear Magnetic Resonance (NMR) spectroscopy we determined atomic-resolution solution structures of PfSR1 protein6 in free and RNA bound states.

Supported by thermodynamic quantification we found that RNA binding domains of PfSR1 protein have contrasting preference for RNA while first domain has preference for pyrimidine especially 5’cytosine, other prefers purines (A or G), possibly due to different charges of the surface of both domains.

Our work opens a new window to understand how malaria parasite is able to produce 20% more proteins from its 5700 genes3-4 which makes it more complex than many of the organisms having more genes than it and easy to evolve into drug resistant one.

The work was primarily done by Dr. Akshay Kumar Ganguly and was actively supported by Ms. Garima Verma.

वेक्टर जनित बिमारियों में मलेरिया अधिकतम आबादी को प्रभावित करता है। अकेले २०१७ में दुनिया भर में लगभग २२ करोड़ लोग मलेरिया से ग्रसित हुए और ४ लाख से अधिक मौत के शिकार हुए जिनमे लगभग ६% भारतीय थे । मनुष्यों में मलेरिया मादा एनोफेल्स मच्छर के काटने से होता है जिसमे प्रोटोज़ोन परजीवी प्लाज्मोडियम मच्छर से निकल कर रक्त धमनियों में आ जाती है|  प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम मलेरिया परजीवियों में सबसे घातक है | इस व्यापक बीमारी का आर्थिक दुष्प्रभाव इस तथ्य से भी स्पष्ट है कि मलेरिया प्रभावित देशों की सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि की दर मलेरिया मुक्त देशों की तुलना में बहुत कम है। विगत वर्षों में मलेरिया में दवा प्रतिरोध सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है। इस खतरे से निपटने में सक्षम होने के लिए हमे यह समझना बहुत ही जरुरी है यह परजीवी को अपने मेजबानों के भीतर संक्रमण को बनाए रखने के लिए किन विभिन्न युक्तियों का प्रयोग करता है और किस प्रकार करता है | मलेरिया परजीवी अपने भीतर प्रोटीन विविधता उत्पन्न करने के लिए ‘वैकल्पिक विभाजन’ नामक एक बुद्धिमान प्रक्रिया का उपयोग करता है | वैकल्पिक विभाजन विकसित जीवों में पाया जाने वाला यह वह विधि है जिसमे जीन से उत्पन्न वाहक आर.एन.ए. को अलग-अलग तरीके से प्रसंस्करित करके एक ही जीन से अलग-अलग प्रोटीन का उत्पादन करने के लिए जाता है । यह परजीवी को दवाओं से बचने के लिए एक अतिरिक्त लाभ देता है।मलेरिया परजीवी में इस महत्वपूर्ण कोशिकीय घटना को समझने के लिए हमने पी. फाल्सीपेरम के एक सेरीन/आर्जिनिन समृद्ध (एस.आर.) प्रोटीन (पी.एफ.एस.आर.१) द्वारा आर.एन.ए. के साथ सम्बन्ध स्थापित करने के तरीके का आणविक स्तर पर अध्ययन किया, जो कि एपीकंपप्लेक्सन समुदाय के किसी भी जीव में पहला अध्ययन है| इसके लिए हमने परमाणु चुंबकीय अनुनाद (एन.एम.आर.) स्पेक्ट्रोस्कोपी का उपयोग करके पी.एफ.एस.आर.१ प्रोटीन की अकेले और आर.एन.ए के साथ जुड़े स्थितियों में आणविक संरचना का पता लगाया |

आणविक संरचना और ऊष्मागतिकी परिमाणन से हमने ये पाया कि पी.एफ.एस.आर.१ प्रोटीन के दोनों घटक अलग अलग प्रकार के आर.एन.ए. के साथ सम्बंध  स्थापित करते हैं, जहाँ पहल घातक पिरिमिडीन, विशेष रूप से ५’ साइटोसाइन, वाले आर.एन.ए. के लिए वरीयता रखता है वहीँ दूसरा घटक प्यूरीन्स (ए या जी) वाले आर.एन.ए. को पसंद करता है | शायद ऐसा उनके भिन्न आवेश युक्त सतह के काऱण है | हमारे इस काम से भविष्य में ऐसे शोध में तेज़ी आएगी जिससे ये पता चल सकेगा कि कैसे मलेरिया परजीवी अपने ५७०० जीन से २० % से अधिक प्रोटीन उत्पन्न करने में कैसे सक्षम है जो मलेरिया परजीवी को अपने से अधिक जीन वाले जीवों से अधिक जटिल बनाता है और इसे दवा प्रतिरोधी में विकसित होने में सहायता प्रदान करता है|

यह शोध मुख्यतः डा. अक्षय कुमार गांगुली द्वारा किया गया और गरिमा वर्मा ने भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान दिया |

References

  1. World Malaria Report 2018 (https://www.who.int/malaria/publications/world-malaria-report-2018/en/)
  2. Gallup JL and Sachs JD. (2001).The economic burden of malaria. Am J Trop Med Hyg 64, 85-96
  3. Gardner MJ, Hall N, Fung E, White O, Berriman M, Hyman RW, et al. (2002). Genome sequence of the human malaria parasite Plasmodium falciparum, Nature. 419 498-511.
  4. Sorber K, Dimon MT and DeRisi JL. (2011) RNA-Seq analysis of splicing in Plasmodium falciparum uncovers new splice junctions, alternative splicing and splicing of antisense transcripts. Nucleic Acids Res 39, 3820-3835.
  5. Eshar S, Allemand E, Sebag A, Glaser F, Muchardt C, Mandel-Gutfreund Y, et al. (2012). A novel Plasmodium falciparum SR protein is an alternative splicing factor required for the parasites’ proliferation in human erythrocytes, Nucleic Acids Res 40, 9903-9916.
  6. Ganguly AK, Verma G and Bhavesh NS(2018) The N-terminal RNA recognition motif of PfSR1 confers semi-specificity for pyrimidines during RNA recognition.  Mol. Biol. (Published online 28 November 2018)
  7. Structure co-ordinates: Protein Data Bank (PDB) accession numbers 2N3L and 2N7C. Sequence-specific resonance assignments BioMagResBank (BMRB) IDs: 25650, 25800, 25779.